तालेबान नेताओं की रिहाई अफ़ग़ान सरकार के उन प्रयासों के रूप में सामने आई है जिनके द्वारा तालेबान की क़ैद में दो अमरीकी और आस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर्ज़ को रिहा कराना मक़सद है।
अशरफ़ ग़नी ने टीवी पर सीधे प्रसारित किए गये अपने संदेश में कहा कि अफ़ग़ान जनता के हित में तालेबान नेताओं की सशर्त रिहाई का फ़ैसला उनके लिए बहुत मुश्किल था।
अफ़ग़ान राष्ट्रपति की ओर से यह घोषणा एक नाज़ुक समय में सामने है क्योंकि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने तालेबान की ओर से निरंतर हमलों के बाद सितम्बर में अमरीका और तालेबान के बीच वार्ता स्थगित कर दी थी।
अशरफ़ ग़नी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि तालेबान के हक़्क़ानी नेटवर्क के जिन तीन नेताओं को रिहा किया गया है उनमें अनस हक़्क़ानी, हाजी माली ख़ान और हाफ़िज़ राशिद शामिल हैं।
तालेबान या हक़्क़ानी नेटवर्क की ओर से इस संबंध में कोई बयान सामने नहीं आया है और न ही उन्होंने अपहृत प्रोफ़ेसर्ज़ को स्वतंत्र करने का कोई इशारा या समय दिया है।